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09 मार्च 2017

कविता: एक रूह

क्या हमारी रूह अलग अलग है?
अगर है, तो बताओ
तुम्हारी कौनसी और मेरी कौनसी?
क्या अंतर है उनमें?

24 फ़रवरी 2017

प्रार्थना: मनमंदिर में बसे प्रभु तुम

महाशिवरात्रि के पावन पर्व निमित्त सदा योगसाधना में रमे भगवान शिव को समर्पित प्रार्थना।
संत ज्ञानेश्वर ने लिखा है कि आज भी भगवान शिव स्वयं भगवान होकर भी साधना पथ पर चल रहे हैं।

मनमंदिर में बसे प्रभु तुम
अब कौनसे मंदिर मैं जाऊं
बिल्वपत्र नहीं पूजा में
भावपुष्प पूजा में लाऊ

29 दिसंबर 2016

कविता: दिल से दिल को लिखते रहे...

२०१६ के अंत में काफिया पोएट्री द्वारा सुझाए 'साल'  विषय पर लिखी कुछ काव्य पंखुडियां

साल यूंही गुजर गया उनसे मिले बिना
हाल अपना बिगड़ता रहा उनसे मिले बिना
~~o~~
चाहत को सालों में कैसे गिने
प्यार को समय में कैसे बांधे

26 दिसंबर 2016

कविता: आदत

तुम आदत बन गए हो इस दिल की
सुबह शाम दिन रात मधुर लय हर धडकन की
एक तुम्हारी आदत ने मेरी दुनिया बदल दी

12 दिसंबर 2016

कविता: दुआ

दुआ कौनसी मांगें आपके लिए
जब आपका होना ही है दुआ हमारे लिए
दुआ किससे मांगें हम आपके लिए
जब खुदा भी तो आप ही हैं हमारे लिए


05 दिसंबर 2016

शब्दसाधना

२४ नवम्बर को हमारे हिंदी ब्लॉग चैतन्यपूजा ने छह वर्ष पूर्ण किए। हिंदी में ब्लॉगिंग के आरम्भ में मैंने एक प्रार्थना लिखी थी, 'यश दो हे भगवन'! हम कुछ लिखें और ज्यादा से ज्यादा लोग बड़े प्यार और आनंद से उसे पढ़े, बार बार पढ़ना चाहे तो यही, मेरे विचार से, एक लेखक या कवी के लिए यश हो सकता है।