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29 दिसंबर 2016

कविता: दिल से दिल को लिखते रहे...

२०१६ के अंत में काफिया पोएट्री द्वारा सुझाए 'साल'  विषय पर लिखी कुछ काव्य पंखुडियां

साल यूंही गुजर गया उनसे मिले बिना
हाल अपना बिगड़ता रहा उनसे मिले बिना
~~o~~
चाहत को सालों में कैसे गिने
प्यार को समय में कैसे बांधे

26 दिसंबर 2016

कविता: आदत

तुम आदत बन गए हो इस दिल की
सुबह शाम दिन रात मधुर लय हर धडकन की
एक तुम्हारी आदत ने मेरी दुनिया बदल दी

12 दिसंबर 2016

कविता: दुआ

दुआ कौनसी मांगें आपके लिए
जब आपका होना ही है दुआ हमारे लिए
दुआ किससे मांगें हम आपके लिए
जब खुदा भी तो आप ही हैं हमारे लिए


05 दिसंबर 2016

शब्दसाधना

२४ नवम्बर को हमारे हिंदी ब्लॉग चैतन्यपूजा ने छह वर्ष पूर्ण किए। हिंदी में ब्लॉगिंग के आरम्भ में मैंने एक प्रार्थना लिखी थी, 'यश दो हे भगवन'! हम कुछ लिखें और ज्यादा से ज्यादा लोग बड़े प्यार और आनंद से उसे पढ़े, बार बार पढ़ना चाहे तो यही, मेरे विचार से, एक लेखक या कवी के लिए यश हो सकता है।

02 दिसंबर 2016

कविता: खूबसूरत हैं वो पल...

खूबसूरत हैं वो पल जिनमें ख्याल तुम्हारे आते हैं

खूबसूरत हैं वो ख्याल जो तुमसे बातें करते हैं


खूबसूरत हैं वो बातें जिनमें तुम्हारा नाम है

खूबसूरत है वो नाम जिसे हम दिल में छुपाते हैं


खूबसूरत हैं वो शब्द जिनसे तुम्हारे गीत बनते हैं

खूबसूरत हैं वो गीत जो तुम्हारे लिए दिल से आते हैं


खूबसूरत है वो दर्द भी जो तुम्हारी याद में है

खूबसूरत है वो जिंदगी जो तुम्हारे नाम हो जाए


खूबसूरत हैं वो आँखें जो बस तुम्हें देखना चाहे
खूबसूरत हैं वो सांसें जो तुम्हारे लिए तड़पती रहे


चाहे रुक जाए चाहे चलती रहे ,

पर तुम्हें और सिर्फ तुम्हें याद करती रहे


चैतन्यपूजा में खूबसूरत कविताएं:
ट्विटर पर जुड़ें: @Chaitanyapuja

31 अक्तूबर 2016

कविता: रौशनी है तुमसे


दीपावली के मंगलमय पर्व पर कुछ काव्यरूपी दीपक खूबसूरत भावों की ज्योतिसे 


हर दिये की रौशनी में तुम्हारा चेहरा दीखता है
तुम्हें देखने के लिए बार बार दिये जलाने को दिल कहता है