क्षणिका: मीठी यादोंमें

सदाही अशांत, अस्वस्थ, और चंचल रहनेवाले मन के लिए प्रेम जैसी कोई दूसरी औषधि नहीं हो सकती। प्यारकी मीठी यादों पर चैतन्यपूजा की नई प्रस्तुति, एक क्षणिका 'मीठी यादों में'  



Text Image for Hindi Kshanika Meethi Yaadon Mein


मनके भीतर गहरे मनमें 
बसा मन सोचते हुुए रुक जाता है
मीठी यादों में जब तुम्हारी 
खुदको ही वह खो देता है



यह कविता मराठी में भी प्रकाशित है: तुझ्या आठवणींत 

चैतन्यपूजा में अन्य कविताएं: 
ट्विटर: @Chaitanyapuja_

चैतन्यपूजा में प्रकाशित होनेवाली नई कविताएं अपने इनबॉक्स में प्राप्त करने के लिए आज ही सब्स्क्राइब करें
सब्स्क्राइब करने के लिए कृपया अपना ईमेल पता नीचे दिए बॉक्स में लिखें और सब्स्क्राइब को दबाएं। चैतन्यपूजा की गोपनीयता नीति 

Enter your email address:





Delivered by FeedBurner

टिप्पणियाँ

  1. उत्तर
    1. बहुत बहुत धन्यवाद दिगंबर नासवाजी। आपकी प्रतिक्रिया पर उत्तर लिखने में हुई देरी के लिए क्षमस्व।

      हटाएं

एक टिप्पणी भेजें

चैतन्यपूजा मे आपके सुंदर और पवित्र शब्दपुष्प.