31 अक्तूबर 2016

कविता: रौशनी है तुमसे


दीपावली के मंगलमय पर्व पर कुछ काव्यरूपी दीपक खूबसूरत भावों की ज्योतिसे 


हर दिये की रौशनी में तुम्हारा चेहरा दीखता है
तुम्हें देखने के लिए बार बार दिये जलाने को दिल कहता है

19 अक्तूबर 2016

सिर्फ उनको

भीड़ में, तनहाई में 
दिन में, रात में
ख्वाबो में, खयालों में
सवालों में, जवाबों में