15 जून 2016

व्यंग: दुनिया के विकास का मॉडल

मोदीजी की उर्जा और कार्यशीलता को देखकर लगता है, दुनिया का विकास अब होनेही वाला है आप सब तो जानते ही हैं कि मैं मोदीजी से कितनी प्रभावित हुँ। मैंने व्यंग उनके भाषणों से ही सीखा। 

प्रतिमा: दुनिया के विकास का मॉडल


और तो और आदरणीय प्रधानमंत्री जी से चुटकुले भी बनाना सीखा, जब चार इंडियंस मिलते हैं तो...खैर फिर कभी बताऊंगी।

प्रतिमा: newsnation.in

आज मैंने मोदीजी से प्रेरित होकर दुनिया के विकास का एक बढ़िया मॉडल बनाया है। हमारी काबिलियत इतनी ज्यादा है, हमारी विकास में इतनी मास्टरी है तो हम सिर्फ भारत का ही विकास क्यों करें? हम तो इतने स्वार्थी नहीं। और भारत का तो दो साल में बहुत तेजी से विकास हो गया है।

अब चिंता ये है कि आगे क्या करें, इतनी ज्यादा ऊर्जा जो हममें है...

ग्यारह से पूरी दुनिया का एकसाथ विकास करने का हमारा लक्ष्य है:

सुविकास, सद्विकास, सर्वविकास, सात्विकविकास, सार्थकविकास, सयोगविकास, सतेजविकास, सबलविकास, सहविकास, सर्वदिशाविकास, सबसेतेजविकास 

अगर आप अभी भी गंभीरता से पढ रहे हैं...तो क्या मैं इन सबका अर्थ भी एकेक करके समझाऊं?

'हां' कहने से पहले सोच लीजिये। मैं तो दुनिया के भले के लिए दो-चार घंटें आराम से भाषण दे भी दूँ, पर आपको समझ में आना चाहिए। मोदीजीने दिनरात मेहनत करके, बिना विश्राम के इतना विकास किया है, वो तो सबके समझ में आता नहीं, दुनिया के विकास का ये बेहतरीन मॉडल आप कैसे समझेंगे!

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