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13 जुलाई 2015

कविता: शांति-स्वर

हर संध्या बहुत सुन्दर होती ही है ऐसा नहीं..लेकिन प्रत्यक्ष निसर्ग सौन्दर्य के बिना भी सौंदर्यानुभव और उदासी में भी शांति का गहरा अनुभव लाता आज का काव्य ....शांति-स्वर 

Image: Twilight hues


शांत संध्या 
उदास मन 
न बहती हवा 
न पंछियों का संग 
गीत लिखूं कोई आज 
शब्दों के बिना 
उदासी की हलकीसी छटा 
गहरे रंगों के बिना 
मेरे मन का यह चित्र 
अति सुन्दर 
संगीत लेकर शांति का केवल 
सुर और रंग 
नाजुक से भावतरंग 
चित्र, गीत या काव्य यह 
अविचल मनकी शांति का 
शांत स्वर है यह...

This poem transformed in English: ... Where Words Find Solace

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