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24 नवंबर 2011

कविता: यश दिया है तुमने


मेरे प्यारे सम्मानित मित्रों! आप सबको नमन शतशः आज हमारी चैतन्यपूजा को एक वर्ष पूर्ण हुआ है एक वर्ष पूर्व इस पूजा की अभिव्यक्ति ब्लोगिंग जगत में आरम्भ हुई पहले तो अंग्रेजी ब्लाग गुरुकृपा आरम्भ हो चूका था, सोचा कुछ काव्य हिंदी में प्रस्तुत किये जाय हिंदी साहित्य यह मेरे जैसे अभियंता का विषय नहीं हैव्याकरण में तो कुछ ना कुछ गलती होने का भय मुझे हमेशा रहता है पाठशाला के कुछ वर्ष ही हिंदी अभ्यास हुआ था, और बाद में गीताप्रेस की पुस्तकों ने शुद्ध हिंदी का ह्रदय से परिचय करा दिया

मूकं करोति वाचालं – ऐसी परम पूजनीय सद्गुरुदेव श्री नारायणकाकामहाराज की और माधव की कृपा से यह छोटासा प्रयास आज एक वर्ष का हो गया तीस से अधिक सुन्दर काव्यपुष्प जिसमे एक संस्कृत और एक मित्रों के साथ किया हुआ दोस्ती की मिठास! यश दो हे भगवन इस प्रार्थना से यह पूजा आरम्भ हुई, इसमें कई सुन्दर पुष्प जुड़े आपके और हमारे...राधा कृष्ण का प्रेम, राष्ट्रभक्ति, मित्रता, मेरे प्यारे भाइयों पे काव्य..साथ ही वैचारिक, सामाजिक और आध्यात्मिक आलेख इन सबसे यह चैतन्यपुजा एक सुन्दर, आनंददाई, मन को शाश्वत शांति प्रदान करनेवाला चिरंतन प्रेम का चिरंतन प्रवास ही बन गया


 घनश्याम महाराज - BAPS स्वामीनारायण मंदिर 

चैतन्यपूजा ने अध्यात्म जगत के साथ, ब्लॉग्गिंग जगत में भी यश प्राप्त किया, गूगल पेज रैंक २ प्राप्त हुआ, ८००० से अधिक पृष्ठसंख्या भी! और आजका यह ६२ वा आलेख :)

इस सुन्दर सफर में हर मोड पर, यहाँ ब्लॉग पे, और इंडीब्लोगर पे हर पल साथ दिया, मेरी प्रिय मित्र आरती जी ने! आरतीजी स्वयं एक आदर्श ब्लॉगर हैं, उनके ब्लॉग माय यात्रा डायरीMy Yatra Diary ने अभी २ वर्ष पूर्ण किये हैं आध्यात्मिक और धार्मिक भारत की यात्रा का यह एक अनुपम ब्लॉग है चैतन्यपूजा का आरम्भ होते ही, इस पर अपनी सुन्दर टिपण्णी आरतीजी ने ही दे थी तबसे आज तक वह चैतन्यपूजा के साथ नित्य वर्धिष्णु प्रेम से जुडी हुई हैं

गुरुकृपा के प्रथम वर्ष पूर्ण होने पे, आरतीजी ने यह सुन्दर प्रेमभरी शुभेच्छाएँ दी,

हार्दिक शुभकामनाएँ मोहिनी! आपका यह ब्लॉग नहीं, एक जिताजागता मंदिर है मेरी राघव से सच्चे दिल से यही प्रार्थना है की आपका यह अनमोल सफर युहीं जारी रहे और सूर्य की तरह हमारे इस अंधकार भरे जीवन में प्रकाश की किरणों का संचार करें हमेशा! :-)

और मेरे साथ हमेशा रही मेरी प्यारी सखियाँ गीताजी, छोटीसी सिमरन और हमारे कवी मित्र श्री मोनुजी! इनकी भावनाएँ और प्रेम शब्दों में लिखना कठिन हैं इनको आप दोस्ती की मिठास से जानते ही हैं! इन सबका और मेरे सारे मित्रों को और उनकी सुन्दर भोली, प्यारी प्रेमभावना को जो इस ब्लॉग के लिए और मेरे लिए है, मेरा पुनः शत शत नमन

और एक सम्मान श्री हरीश सिंह जी द्वारा उत्तरप्रदेश ब्लॉगर लेखक मंडल में जुड़ने का आमंत्रण! :)
अब हमारे भगवानजी से कुछ बात,  

यश दिया है तुमने
जीवन सवारा तुमने
प्रेम सिखाया तुमने
प्रेम से मिलाया तुमने
यश दिया है तुमने
हे भगवन!
यश दिया है तुमने
कर्तृत्व बनाया तुमने
तपस्या करायी है तुमने
यश दिया है तुमने,
हे भगवन!
यश दिया है तुमने!
राष्ट्रभक्ति जगायी तुमने
राष्ट्रसेवा करायी तुमने
चैतन्यपूजा करायी तुमने
मंदिर प्रेमका बनाके
भक्त तुम, भगवान तुम
समाधी लगायी तुमने
तुम – मैं, मैं – तुम
एक हो गए पूजा में
यश दिया है तुमने
हे भगवन!
यश दिया है तुमने


चैतन्यपूजा में यश के पड़ाव: 

ट्विटर पर जुड़ें: chaitanyapuja_

8 टिप्‍पणियां:

  1. मोहिनिजी, चैतन्य पूजा की वर्षगाठ पर आपको हार्दिक शुभकामनाये! सचमुच यह एक मदिर है..

    यहाँ पर आपके सुन्दर, दिल से लिखे लेखो को पढ़ के असीम शांति और सुकून का एहसास तो होता ही है परन्तु कुछ सीखने और जीवन को और बेहतर बनाने की प्रेरणा भी मिलती है. चैतन्य पूजा से जुड़े रहने का मुझे बेहद गर्व है.

    मेरी हार्दिक शुभकामनाये और प्यार सदेव आपके और आपके ब्लोग्स के लिए ~ आरती

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  2. आरतीजी...अब और क्या कहूँ..:)

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  3. My hearty wishes to you Mohu :)
    Happy Blog anniversary ..It's time to cheer up! :)
    Your words are always so powerful and touching..while you I meet with the reality..
    Your hindi is superb!
    Happy to see Arti dear's wishes ..and also to see my name there ;)
    Happy happy sooo happyyy :)

    Keep Expressing my dear!
    You're the purest one I found here my lovely sissy ..
    HAPPY BLOGGING!
    Stay :)

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  4. "चैतन्यपुजा" ब्लॉग का आज प्रथम वर्धापनदिन है इसकी हार्दिक शुभकामनाये और अभिनन्दन| इस प्रथम वर्ष में इस ब्लॉग ने जो प्रगति की है वह अत्यंत प्रशंसनीय है|
    आप यश के शिखर पर आरुढ हो यही मेरी ईश्वर से प्रार्थना है|
    ईश्वर की कृपा आप पर बनी रहे|
    मुझे आप का भाई होने का गर्व है|
    यह केवल एक ब्लॉग नहीं है, यह आप ने वास्तव में पूजा आरम्भ की है|
    अब अधिक कुछ कहने से, अच्छा है की पूजा में जुड जाये|

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  5. दादा ..:), यह तो मेरे लिए आशीर्वाद है :)

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  6. आरती जी के ब्लॉग से यहाँ आना हुआ. वर्षगाँठ की शुभकामनाएं. आपके पुरानी प्रविष्टियों को भी बांचुन्गा.

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  7. पी.एन. सुब्रमणियन सर, आपका चैतन्यपूजा में स्वागत है| आपकी शुभकामनाओं के लिए बहुत बहुत आभार| :)

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