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23 सितंबर 2015

गणेशस्तोत्र: भक्त कल्याणजन्म पाए

एक नई प्रार्थना के साथ इस गणेशोत्सवमें हर दिन का आरम्भ हो रहा है| आजकी प्रार्थना सर्वप्रथम पूजे जानेवाले भगवान गणेशजीकी स्तुति में है| गणेशोत्सव के दस दिन जैसे आसमान, हवा, पानी सबकुछ भगवानजी की पूजा में लीन हो, इतना पवित्र हो जाता है| इसी दिव्यता और पवित्रता का वर्णन इस स्तोत्रमें,


Image: Pink Hibiscus Flower
   


चैतन्य आनंद बरसे तव आगमनसे||
दिव्यभक्ति ह्रदय हर गाए आर्तभावसे||१||

आशा पवित्रतम आप धरापर लाए||  
तव आशिषसे भक्त कल्याणजन्म पाए||२||

श्रद्धावैभव दृढ़ करते हैं आप हमारे जीवनमें||
ज्ञानविनय आप देते हैं, जागृत भक्तिमुक्ती ह्रदयमें||३||

हे गणेशा, गणपति, गणनायका||
हे विघ्नेशा, विघ्नहर्ता, विनायका||४||

नमन आपका सदा करते हैं यह स्तोत्र गाकर||

कृपा बरसाकर जीवन हमारा करे समृद्धिकर||५|| 

This Hymn in English and Marathi:


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