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07 मई 2015

कविता: तारीफ़ में शायरी क्या लिखे हम आपकी

कविता न हो तो बहुत सूना सूना लगता है  है न? अभी एक शब्द मन में था , 'अफसाना' और फिर एक कल्पना मन में आई जरा देखिए तो कैसी सजी है वह कल्पना और कविता "तारीफ में शायरी क्या लिखे हम आपकी"
अफ़साने क्या खूब लिखते हैं आप
इन अफसानों के बहाने क्या क्या बातें करते हैं आप

बातें भी क्या खूब करते हैं आप
इन बातों के बहाने क्या क्या इरादे बयाँ करते हैं आप

इरादे भी क्या खूब हैं जनाब
इन इरादों को जताने क्या क्या शायरी करते हैं आप

शायरी भी क्या खूब करते हैं आप
इस शायरी के बहाने क्या प्यार जताते हैं आप

प्यार भी क्या खूब करते हैं आप
इस प्यार के बहाने ...
इस प्यार के बहाने...
प्यार ही तो बहुत खूब करते  हैं आप

दिल को चुरा ही लेते हैं आप 
दिल भी क्या खूब चुराते हैं आप 

दिल चुराने के तरीके भी क्या खूब जानते हैं आप 

तारीफ़ में शायरी क्या लिखे हम आपकी
बस जो भी करते हैं बहुत खूब ही करते हैं आप ...