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15 अगस्त 2014

स्वर्ग से भी सुंदर है मेरी भारतमाता

भारतवर्ष के स्वतंत्रता दिवस पर सभी पाठकों को हार्दिक बधाईयाँ  ... :)




विश्व की सबसे शक्तिशाली सेना हमारे राष्ट्र में है | भारतमाता को शत शत नमन |

भारतवर्ष की सबसे बड़ी विशेषता यह है की साक्षात भगवान श्रीराम ने ,

मातृभूमि को

"जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी" कहा है | 


आज का काव्य यही भाव लेकर आया है...

स्वर्ग से भी सुन्दर है मेरी भारत माँ !


सुना है बहुत सुन्दर है यह दुनिया 
तरह तरह के देश, चमचमाते शहर 
जो कहतें हैं अपनी अद्भुत कहानियाँ
पर सबसे सुंदर है मेरे भारत की मिट्टी!

सुना है सबसे सुन्दर है स्वर्ग 
सौन्दर्य, सुगंध, नृत्य, नाद - ताल से सजा
पुण्यलोक है वह दिव्यघर 
पर क्या स्वर्गमें भी है 
मेरी मातृभूमि का सौन्दर्य? 

क्या स्वर्ग में है मिट्टी 
वह सौंधी सौंधी खुशबु 
जिसके ऊपर हमारा जीवन न्योछावर है ...?

इस मिट्टी में जन्म लेने के लिए 
तो देवता भी तरसें हैं 
भगवान ने भी इस मिट्टी के स्पर्श के लिए 
मनुष्य जन्म लिया 


कभी वनमें चले 
कभी गोपाल बने 
इस मिट्टी के स्पर्श के लिए 
भगवान साकार हुए 

मोक्ष तो है सबसे परे 
परमात्मा है अव्यक्त अनंत 
साकार बन्धनों से परे 

पर .....

पर मेरा मोक्ष मेरे भारत की मिट्टी है 
मेरा मोक्ष - मेरा परमात्मा तो ..
तो मेरी भारतमाता है...

वन्दे मातरम्! 


1 टिप्पणी:

  1. बहुत सुन्दर सामयिक भारत महिमा मंडन प्रस्तुति
    मेरा भारत महान!
    जय भारत
    आपको भी स्वतंत्रता पर्व की हार्दिक शुभकामना

    उत्तर देंहटाएं

चैतन्यपूजा मे आपके सुंदर और पवित्र शब्दपुष्प.........!