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30 नवंबर 2015

स्तोत्र: प्राणप्रवाहिणी चैतन्यपूजा


आज की प्रस्तुति चैतन्यपूजा के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर एक कविता। २५ नवम्बर को ब्लॉग के रूप में चैतन्यपूजा का सफ़र पांच वर्ष के पड़ाव पर पहुंचा।

इस वर्ष हमने गणेश उत्सव में गणपति की प्रार्थना और नवरात्री उत्सव में विभिन्न रूपों में प्रकट देवी माँ की उपासनारूप प्रार्थनाओं से मनाया।

इन पांच वर्षों में चैतन्यपूजा के रूप में लिखने मुझे जो मन:शान्ति की अनुभूति होती है वह मेरे लिए लिखने का सबसे बड़ा आनंद लगता है।आज की कविता, मेरे लिए चैतन्यपूजा क्या है और इसने मेरे जीवन को किस किस तरह से समृद्ध किया है।

चैतन्यपूजा का अर्थ मेरे लिए केवल लेखन नहीं, ये तो
महायोग की अविरत अखंडित प्राणसाधना है ...

29 नवंबर 2015

वेदना: अच्छी लडकी 'बनाने' के लिए बुरे बंधन

बीबीसी हिंदी रेडियो पर ‘अच्छी लडकी’ की परिभाषा क्या होनी चाहिए, इस विषय पर शनिवार को चर्चा थी मैंने ट्विटर पर अपना मत लिखा और उसीके साथ कुछ उत्स्फूर्त पंक्तियाँ मनमें आई, लेकिन ट्विटर पर लिखना संभव नहीं था आजकी प्रस्तुति एक लडकी की पीड़ा पर

21 नवंबर 2015

बिहार के चुनाव परिणामों से बदले राजनैतिक समीकरण

कल बिहार के मुख्यमंत्री पद के शपथ ग्रहण समारोह के साथ नए राजनैतिक समीकरण बनते दिखे बिहार में लालूप्रसाद यादव, नितीश कुमार और कांग्रेस गठबंधन की जीत और भाजप की हार इस स्थिती, बदलते राजनैतिक समीकरण पर एक सामान्य व्यक्ति के जीवन की दृष्टी से आज का आलेख 

16 नवंबर 2015

वेदना: हार या जीत...मासूमों की जान जाती है

दुनियाभर में अलग अलग कारणों से चल रहे हिंसाचार से रक्तपात, आँसू, आक्रोश हमें रोज देखने को मिलता है. ये सब रोका नहीं जा सकता ऐसा समझकर जिन्दगी और दुनिया के प्रवाह के साथ ही बहते रहना होता है. इसी दुःख पर कुछ पंक्तियाँ...

युद्ध नीतियां चलती रहती हैं
मासूमों की जान जाती है
कभी खुली तो कभी छुपी
कभी आर्थिक तो कभी धार्मिक
युद्धनीतियां चलती रहती हैं
मासूमों की जान जाती है

15 नवंबर 2015

हमें रंगारंग कार्यक्रम इतने अच्छे क्यों लगते है?


मोदीजी के स्वागत में ब्रिटेन वेम्बले स्टेडियम में आयोजित इवेंट का रंगारंग कार्यक्रम थोड़ी देर के लिए देखा। मैंने इस कार्यक्रम का वीडियो धुले से देखाधुले,  वही जहाँ कभी कभी एक ब्लॉग पोस्ट टाइप करते करते ४-५ बार बिजली जाती है। जहाँ कभी कभी एक १०० अक्षरों का छोटासा ट्वीट भेजने में ५ मिनट लग जाते हैं।

भारतीय मीडिया का उत्साहजनता में जोशब्रिटेन के भारतीय मूल के लोगों में उत्साह ये भी इस कार्यक्रम के दौरान देखा। मेरे मन में एक प्रश्न आयाहमें रंगारंग कार्यक्रम इतने अच्छे क्यों लगते हैं

11 नवंबर 2015

दीपावली का प्रकाश

चैतन्यपूजा के सभी दोस्तों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीपावली का त्यौहार आप सबके जीवन में प्रेम, ज्ञान और समृद्धि का प्रकाश लाएं सौहार्द का उजियारा दिवाली का साथ फैले

10 नवंबर 2015

प्रार्थना: जपना है बस तुम्हाराही नाम मेरे राम

आज गोंदवले के भगवान श्रीराम के लिए एक प्रार्थना गोंदवले में दिवाली में बड़ा उत्सव होता है कुछ वर्ष पहले गोंदवले में दो दिन रहने का सौभाग्य मुझे मिला था तबकी कुछ यादें भी आजकी प्रस्तुति में ...

09 नवंबर 2015

भाजप की दिशाहीन अव्यवस्थात्मक नीतियां

बिहार में भाजप की हार पर चर्चा हो रही है| भाजप समर्थकों का अभी भी मानना है कि इस हार के परिणाम अच्छे ही होंगे| भाजप विरोधकों में दिल्ली के चुनावों के बाद और अब भी तुरंत अति उत्साह का वातावरण नजर देखने में आ रहा है| 

इस चुनाव का निर्णय एक निश्चित स्थाई बदलाव लाएगा या नहीं ये तो आनेवाला समय ही बताएगा| किसी भी निर्णय पर अभी पहुंचना जल्दबाजी होगी| लेकिन ये बात तो लगती है कि भाजप के 'तरीकों' को जनता ने नकारा है|

इन तरीकों की चर्चा आजके आलेख में| 

02 नवंबर 2015

कविता: बेवजह यूँही

आज कुछ पंक्तियाँ दोस्ती पर...


बेवजह यूँही मुस्कान खिल उठे  लबों पर 
जिसकी याद आने से 
बेवजह यूँही सारे गम मिट जाए 
जिसकी याद आने से 
बेवजह यूँही आँखें देखने लगे खुबूसूरती अदृश्य हवा में 
जिसकी  याद आने से
...वही दोस्त होता है सच्चा अपने दिल का  


क्या आपने भी इसे अनुभव किया है?

दोस्ती पर कुछ और कविताएँ:

01 नवंबर 2015

कविता: उलझन

कभी कभी उलझन भी कविता बन जाती है

न तुमको समझ पाती हूँ मैं 
न मेरे इस बेचैन दिल को