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09 अक्तूबर 2015

हाँ, मैं एक कवी हूँ

आज की कविता, काव्य और कवियों को समर्पित है; शब्दों और कलम की शक्ति को समर्पित है


मैं परसों ट्विटरचैट पर एक प्रश्न का उत्तर दे रही थी कि हम अपने ब्लॉग को मानवीय आवाज कैसे देते हैं, पाठकोंसे कैसे जुड़ते थे तब मुझे लगा कि आप, मेरे पाठक, मेरे दोस्त हैं और दोस्तों से तो मैं बिना थके दिल खोलकर बाते करती हूँ यह एक विश्वास और स्नेह का रिश्ता है, जो हमारे और आपके बीच है हम रोज यहाँ बाते करते हैं हम एक दुसरे के विचारों से असहमत भी हो सकते हैं, लेकिन मिले बिना तो रहा नहीं जाता, है न? मैं न लिखूं, तो मुझे आप सबकी याद आने लगती है

दूसरी एक बात कवी और काव्य की है कविताएँ लिखने के कारण मेरा दुनिया की तरफ देखने का नजरिया अधिकाधिक विस्तीर्ण होता जा रहा है सच्चा कलाकार या कवी भावनाशील होता है और दूसरों की भावनाओं को महसूस कर सकता है; उसे करना चाहिए कविताओं ने मेरा जीवन, मेरा हर क्षण इतना समृद्ध किया है कि मैं इन शब्दों की और कलम की शक्ति महसूस कर सकती हूँ कवी का समाज के प्रति दायित्व होता है, कुछ पाने के लिए नहीं लेकिन अपने मन की शांति के लिए

मुझे कभी कभी दोस्त पूछते हैं कि मैं इतना दर्द क्यों लिखती हूँ? क्या मैं दुखी हूँ? दर्द सिर्फ दर्द होता है, अपना हो या किसी और का हर कविता के साथ मेरे बारे में एक मत बनता है पर मैं तो सिर्फ जो भावना अभिव्यक्त करनी है उसमें पूरी तरह से डूबकर लिखती हूँ मैं भावनाओं को जीती हूँ, लेकिन उनसे अनासक्त होना भी जानती हूँ क्योंकी अगर हम अनासक्त नहीं हुए तो जिन्दगी जीना मुश्किल होगा 

कवी अपने दृष्टिकोण से विषय, समस्या और भावनाओं की अभिव्यक्ती करता है पढ़नेवालों के लिए एक ही कविता के अपने अपने नजरिये के अनुसार अलग-अलग अर्थ हो सकते  हैं यह कविता का सौन्दर्य भी है, लेकिन कविता से क्या अर्थ समझे जाते हैं यह बात कभी कभी कवी के लिए परेशानी का भी कारण बनती है किसी को बिना जाने उसके बारे में मत बनाना गलतफहमीयाँ निर्माण कर सकता है, फिर अगर हर कविता पर कवी के जीवन पर हम मत बनाने लगे तो क्या होगा, कल्पना भी नहीं की जा सकती

जब लोग कवियों का विश्लेषण करते हैं तो सबसे आश्चर्यजनक बात मुझे यह लगती है कि कवी के मन में, कोई कविता लिखते समय क्या चल रहा था, यह भी बता देते हैं आपने यह बात कितने ही महान कवियों के बारे में पढी-सुनी होगी जो अब इस दुनिया में नहीं है, उनके बारे में भी ऐसे विचार देखने को मिलते हैं कि उन कवियों ने क्या सोचकर कोई विशिष्ट कविता लिखी थी  

काव्य भावनाओं के सूक्ष्मातिसूक्ष्म रस लेकर आता है 'भाव' किसी के भी ह्रदय का हो सकता है, महत्त्व 'भाव' का है कविताओं के बारे में जो अजीब और परेशान करनेवाले मत मैंने देखे हैं, उनका मुख्य कारण मुझे यही दीखता है कि हम अक्सर कवी के जीवन को कविता से समझने की कोशिश करते हैं, लेकिन काव्य के रस या भावना को नहीं

भावनाओं के रस में डूबने का आनंद कुछ और ही होता है, इसीलिए कविता लिखना और पढना बहुत सुन्दर है  

बहुत अच्छा लगता है,
बहुत गर्व महसूस होता है

अपने आप को कवी कहने में ...

नहीं, मैं महान नहीं हूँ...
नहीं, मैं परिपूर्ण नहीं हूँ...
मैं शायद आदर्श भी नहीं हूँ...

फिर भी ...

हाँ, मैं एक कवी हूँ...

ख़ुशी होती है दुनिया को बताने में

हाँ, मैं एक कवी हूँ...

अपने आत्मप्रकाश से
मैं अपने लिए लिखती हूँ...

अपनी ख़ुशी के लिए लिखती हूँ ...

मेरी जिंदगी, मेरे अनुभव,
मेरे सुख दुःख के पल,
खुबसूरत शब्द बन जाते हैं,
खिल उठते हैं;
गा उठते हैं
अपने दिल का गीत

हाँ, मैं एक कवी हूँ

मेरी मुश्किले, मेरी तकलीफे
मुझे प्रेरणा देती हैं,
मेरे आंसू मुझे काव्य देते हैं

हाँ, मुझे ख़ुशी है दुनिया को बताने में

हाँ, मैं एक कवी हूँ

दुःखदाई लगनेवाला अकेलापन
ज्ञान देनेवाला एकांत बन जाता है,
भावनाओं में डूबने का उत्सव बन जाता है 

हाँ, मैं एक कवी हूँ 


मैं लिखती हूँ,
मैं महसूस करती हूँ

महसूस करती हूँ
और मैं लिखती हूँ

मैं बोलती हूँ
मेरी ख़ुशी, मेरा दर्द, मेरे शब्द
मेरे फूल बनकर बोलते हैं

हाँ, मैं एक कवी हूँ...

मैं महसूस करती हूँ
अपने दिल का दर्द,
मैं महसूस करती हूँ
तुम्हारे दिल का दर्द


मेरा दिल अपनी वेदनाएं बताता है,
मेरा दिल तुम्हारी वेदनाएं बताता है

हाँ, मैं एक कवी हूँ...

मैं सब महसूस करती हूँ

तुम्हारा प्यार,
तुम्हारे दिल का टूटना,
तुम्हारा बिखरना,
तुम्हारा गुस्सा,
तुम्हारी खुशियाँ,
तुम्हारा चुप रहना 
मैं तो सब महसूस करती हूँ

हाँ, मैं एक कवी हूँ

मेरा दिल जानता है
हर पल तुम्हारे साथ होना,
तुमसे दूर रहकर भी

हाँ, मैं एक कवी हूँ

सिर्फ प्यार है
मेरी इस खुबसूरत दुनिया में,
हाँ, सिर्फ प्यार ही तो है
मेरी खुबसूरत कलम में
बस प्यार ही है
मेरी आँखों में

क्या तुमने महसूस किया था कभी?
क्या तुम महसूस करोगे इसे?

हाँ, मैं एक कवी हूँ..

मैं लिखती हूँ,
कुछ पाने के लिए

हाँ, तुम्हारे दुःख, तुम्हारी वेदना
और तुम्हारी ख़ुशी भी
मुझसे तो नहीं छुपी थी कभी
मैं सब महसूस करती हूँ

हाँ, मैं एक कवी हूँ 

मेरा महसूस करना,
मेरा लिखना,
मेरा कविता में जीना,
मेरा तुम्हारे बारे में सोचना,
यह सब एक काम नहीं है
यह तो मेरा प्यार है

हाँ, मैं एक कवी हूँ 

मैं तुम्हारे लिए लिखती हूँ
क्योंकी मैं अपने लिए लिखती हूँ

क्योंकी हम अलग नहीं हैं
तुम और मैं,
हम एक ही हैं
क्योंकी हमारा अटूट रिश्ता है
विश्वास का

हाँ, मैं एक कवी हूँ

मेरी सांसों में सिर्फ कविता है
काव्य का जादू है,
प्रेम का जादू है,
मेरी हर सांस में,
शाश्वत प्रेम की महक है

मुझे कोई रोक नहीं सकता,
मुझे कोई तोड़ नहीं सकता,
मैं खुद ही तो शक्ति हूँ

हाँ, मैं एक कवी हूँ..
'नाजुक' सी कविताओंने 
मुझे शक्ति दी है
जीने की,
लड़ने की,
मुस्कुराने की,
हर हाल में
शांत रहने की

तुम मेरी प्रेरणा हो,
तुम मेरी शक्ति हो
हाँ, तुम
तुमसे ही तो कह रही हूँ मैं
तुम!

वह गहरा, अविचल, अटूट रिश्ता
तुम्हारे और मेरे बीच 
हमारी जिंदगियां,
हमारा भविष्य,
हमारे विचार,
यहाँ तक की
हमारा एक दुसरे से विरोध
वह अटूट रिश्ता
हमारे बीच  


यही हमारी ताकद है
यही एक कवी की ताकद है

यह अटूट रिश्ता,
यह कविताएँ 
एक शक्ती है
कवी एक शक्ति है 
हाँ, मुझे गर्व है दुनिया को बताने में 
हाँ, मैं एक कवी हूँ 


This poem in English: