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07 सितंबर 2015

कविता: संवेदनहीनता

आज के दौर में हमें भावनाओं की गहराई से ज्यादा गहरी संवेदनहीनता देखने को मिलती है, किसानों की आत्महत्या के विषय पर छोटीसी कविता,


हर नए दिन की ख़बर वही
"सूखे से किसानों की आत्महत्या!"
अब परेशान नहीं करती जरा भी
हमारी ही
गहरी संवेदनहीनता  

यह कविता हमारी अंग्रेजी वेब साईट Narayankripa पर प्रकाशित अंग्रेजी कविता Insensitivity  का हिंदी रूपांतरण है यह कविता मराठी में भी रूपांतरित है उसे पढने के लिए आइए हमारे मराठी ब्लॉग विचारयज्ञ पर संवेदनाहीन भावना 

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