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30 सितंबर 2015

पितृ पक्ष है पूर्वजों से शुभाशीर्वाद पाने का पर्व

भाद्रपद कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से पितृ पक्ष का आरम्भ होता है| बहुत लोग पितृ पक्ष अशुभ मानते हैं; किसी भी शुभ कार्य के लिए तो यह १५ दिन लोग वर्ज्य मानते हैं| क्या पितृ पक्ष अशुभ होता है? आखिर श्राद्ध को अशुभ क्यों माना जाता है? श्राद्ध से जुड़े हुए विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालता आजका आलेख|

26 सितंबर 2015

गणेशप्रार्थना: हे विघ्नहर्ता, सुनो आर्त प्रार्थना

आज की प्रस्तुति में गणेशजी से मन में बसनेवाले सूक्ष्म विघ्नों को दूर करने के लिए आर्तभावसे प्रार्थना मन को पीड़ा देनेवाले अन्तस्थ विघ्न यदि दूर हो गए तो बाहर के विघ्नों से जीवन पर विपरीत परिणाम नहीं हो सकता गणपती बाप्पा से प्रार्थना करे तो उनके लिए किसी भी  तरह के विघ्नों को दूर करना कौनसी बड़ी बात है

Image: Red Hibiscus Flower

प्रतिमा: कृष्णमोहिनी प्रतिमा संग्रह 

हे विघ्नहर्ता, सुनो आर्त प्रार्थना
साधनविघ्नों का अब अंत करना १ 

23 सितंबर 2015

गणेशस्तोत्र: भक्त कल्याणजन्म पाए

एक नई प्रार्थना के साथ इस गणेशोत्सवमें हर दिन का आरम्भ हो रहा है| आजकी प्रार्थना सर्वप्रथम पूजे जानेवाले भगवान गणेशजीकी स्तुति में है| गणेशोत्सव के दस दिन जैसे आसमान, हवा, पानी सबकुछ भगवानजी की पूजा में लीन हो, इतना पवित्र हो जाता है| इसी दिव्यता और पवित्रता का वर्णन इस स्तोत्रमें,

21 सितंबर 2015

कविता: मूक अश्रुओं की प्रार्थना

गणेशोत्सव निमित्त आज की प्रस्तुति ‘मूक अश्रुओं की प्रार्थना’ है| जो आँसू मूक होते हैं, वे न तो कभी-कहीं-किसीको दिखाई देते हैं और न ही उनकी कोई आवाज होती है| अगर उन अश्रुओं को कभी आवाज मिली और उन्होंने भगवान गणेशजीसे प्रार्थना की तो वह शायद ऐसी होगी...

17 सितंबर 2015

प्रार्थना: नमन तुमको हे गजानन

चैतन्यपूजा में जुड़े हुए सभी मित्रों को गणेश चतुर्थी और गणेश उत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ| आज की प्रस्तुति हम सबके प्यारे गणपति बाप्पा की प्रार्थना में स्तोत्र है|

15 सितंबर 2015

हिंदी भाषासे संबंधित अचर्चित मुद्दे

कल हिंदी दिवस संपन्न हुआ। हिंदी भाषा के विषय पर कुछ विचार और प्रश्न आपसे बाँट रही हूँ
हिंदी में संस्कृत शब्द आएं तो इसे अनुचित समझा जाता है, क्योंकी माना जाता है कि हिंदी में संस्कृत शब्द कभी नहीं थे। हिंदी में फारसी और अरबी शब्द हो तो उसे हिन्दुस्तानी कहा जाता है।संस्कृत या अन्य स्थानीय भाषाओं का भी इसमें अंतर्भाव है ऐसा माना जाता है। लेकिन, संस्कृत शब्दों का प्रयोग दिखे तो विवाद भी उत्पन्न होता है। मैं इस विषय के आरम्भ में यह बताना चाहूंगी कि मुझे उर्दू या उससे भी अधिक अरबी और फ़ारसी बहुत अच्छी लगती है। परन्तु, जो मुद्दा भाषा का है, उसमें और भी कुछ अंतर्निहित मुद्दे लगते हैं जो चर्चा में नहीं आते, इसलिए उनकी चर्चा हिंदी के विषय के साथ ही करना मुझे आवश्यक लगता है

13 सितंबर 2015

कविता: इसी शहरमें ...

जहाँ अपने दोस्त हो, वहाँ जैसे भी हालात हो कुछ परेशानी नहीं होतीऔर जहाँ अपने न हो वहाँ...

इसी शहरमें,
हम मिलते थे कभी,
बातें करते थे
आज केवल अकेलापन है...

07 सितंबर 2015

कविता: संवेदनहीनता

आज के दौर में हमें भावनाओं की गहराई से ज्यादा गहरी संवेदनहीनता देखने को मिलती है, किसानों की आत्महत्या के विषय पर छोटीसी कविता,


हर नए दिन की ख़बर वही
"सूखे से किसानों की आत्महत्या!"
अब परेशान नहीं करती जरा भी
हमारी ही
गहरी संवेदनहीनता  

05 सितंबर 2015

कविता: हे ईश्वर, तुम्हारे लिए

जन्माष्टमी के पावन पर्व पर सभी पाठकों को हार्दिक शुभकामनाएँ| आपका आजका पर्व का दिन बहुत उत्साह से भक्तिमय हो यही भक्तों के प्यारे, हम सबके कृष्ण से मेरी प्रार्थना| आज की प्रस्तुति नवविधा भक्ति का सर्वोच्च रूप जिसे माना जाता है, उस आत्मनिवेदन भक्ति पर है|