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29 मई 2015

हिंदी कविता: प्यार की कलियाँ

प्यार के लिए प्यार ने प्यार से लिखी प्यारीसी कविता| यह कविता हमारे मराठी ब्लॉग विचारयज्ञ पर 'प्रेमफुलं फुलताना' का हिंदी रूपांतरण है| 

28 मई 2015

स्वातंत्र्यवीर सावरकर: क्रांति के महासूर्य

आज क्रांति के महासूर्य स्वातंत्र्यवीर सावरकरजी की जयन्ती है| पाठशाला में सावरकरजी के ‘माझी जन्मठेप’ (मेरा आजीवन कारावास) का कुछ अंश हमें मराठी विषय में अध्ययन के लिए था| ‘माझी जन्मठेप’ में  अंदमान के काले पानी का विस्तृत वर्णन है| मैनें पहली बार वो अंश पढ़ा तबसे सावरकरजी के नेतृत्व और लेखन ने मुझे बहुत प्रभावित किया| आज मुझे बहुत प्रसन्नता लग रही है कि मैं उन्हीं सावरकरजी के बारे में उन्हींके प्रभाव से उनके कार्य के कुछ पहलुओं पर लिखने की धृष्टता कर रही हूँ|

26 मई 2015

कविता: क्या ये अच्छे दिन नहीं हैं तेरे लिए?

आज हम सबकी जिन्दगी में अच्छे दिन आकर पूरा एक साल हो गया| अभी भी ऐसा लग रहा है मानो कल की बात हो, कल जश्न मनाना शुरू किया था और अभी भी जश्न ही मना रहे हैं...

इसी पर आज की कविता, हाँ! हाँ!! हम सबके अच्छे दिनों पर...

22 मई 2015

कविता: दिल के शब्द

दिलसे जो भावनाएं  उठें वही लिखना मुझे अच्छा लगता है अच्छा क्या, इसके अलावा कुछ और मुझसे लिखा ही नहीं जाता  शब्द, उपमाएं और भाव भगवान की कृपा के बिना लिखना संभव है ऐसा मुझे नहीं लगता फिर भी कभी कभी लगता है आज 'रचना' क्यों न की जाए, जिसमें वो न हो जो दिल लिखना चाहता है या मैंने सोचा दिल को कुछ और सोचने पर मजबूर करूं देखिए क्या कविता में ऐसा 'प्रयोग' हो सकता है? 

18 मई 2015

कविता: प्यार

आज प्यार की गहरी बात, बहुत ही कम शब्दों में 

17 मई 2015

कविता: महक

फूल, काव्य और प्रेम इनका एक अटूट रिश्ता है आज का काव्य इन्हीं पर कहानी ऐसी है कि प्रेमिका बरसों से दूर देस गए अपने प्रियतम को याद करती है इन यादों में दुःख या उदासी नहीं हैं विरह कभी कभी आनंद भी दे सकता है, खास कर तब जब यादों की महक महसूस हो

15 मई 2015

कविता: बूंदों का युद्ध

परसों अचानकसे तेज हवा चलने लगी, बादल गरजने लगे और बारिश हुई मुझे बहुत मजा आया गर्मी से राहत भी मिली इस सुंदरसी वर्षा पर मराठी में मैंने "थेंबांचं युद्ध" कविता ब्लॉग पर पोस्ट की थी, उसीका हिंदी रूपांतरण यह कविता पढ़कर आपको जरूर बचपन याद आ जाएगा  

काले काले
बादलों का आक्रमण

11 मई 2015

कविता: क्यों याद आज फिरसे उनकी आई?

आज शाम को हल्की हल्की बारिश हुई और मौसम बहुत ही खुबसूरत रहा धुप खिली भी थी और बारिश भी...ऐसे सुहाने मौसम में क्या कविता हो सकती है? ..आज की कविता इस धुप की राहत इस बारिश पर..

10 मई 2015

कविता: चलते रहना है तब तक

आज हमारे पास खुशियाँ मनाने के दो कारण हैं सोचिए सोचिए..! चैतन्यपुजा की यह १०० वी पोस्ट है और चैतन्यपुजा वेब साईट का पता अब चैतन्यपुजा डॉट कॉम (chainyapuja.com)है है न ये ख़ुशी मनाने वाली बात? आज की खुशियों के नाम ही है आज की कविता: "चलते रहना है तब तक"

07 मई 2015

कविता: तारीफ़ में शायरी क्या लिखे हम आपकी

कविता न हो तो बहुत सूना सूना लगता है  है न? अभी एक शब्द मन में था , 'अफसाना' और फिर एक कल्पना मन में आई जरा देखिए तो कैसी सजी है वह कल्पना और कविता "तारीफ में शायरी क्या लिखे हम आपकी"

समाज पर चढ़ता डीजे का नशा

विवाहों का मौसम चल रहा है और विवाह अर्थात बारात और बारात मतलब डीजे! तो गर्मी के प्रकोप के साथ साथ डीजे का प्रकोप, शोर और अश्लील गानों का कहर चल रहा है। यहाँ तो यही हालत है। अभी जब मैं यह लिख रही हूँ, बाहर डीजे चल ही रहा है। शायद यही सबसे अच्छा समय है, इसके बारे में कुछ चर्चा करने का! आज डीजे के बारे में ही चर्चा करते हैं।

05 मई 2015

कविता: उम्मीद यही

तुम्हारी याद क्यों आती है?
इतनी तडपाती ये याद क्यों आती है...

02 मई 2015

कविता: छोटी छोटी सी प्यार की बातें

आज की कविता प्यार के छोटे छोटे से क्षणों पर, जो हम सबकी जिन्दगी में होतें हैं, लेकिन जिनका महत्त्व कभी कभी हम भूल जाते हैं|


प्रतिमा: कृष्णमोहिनी

एक छोटीसी कविता थी हमारा प्यार
और आज
बन गई है मेरी जिन्दगी