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21 मार्च 2015

कविता: नववर्ष आया है आनंदका

गुढीपाडवा के अवसर पर नववर्ष के लिए एक नवकविता,

हिन्दू नववर्ष का उत्सव और सृष्टिके नव सृजन का उत्सव आज है | महाराष्ट्र में हम गुढीपाडवा के नामसे इसे मनाते हैं | आप सबको गुढीपाडवा या युगादि की ढेर सारी शुभकामनाएँ! यह नया साल आपके जीवन में खुशियाँ ही खुशियाँ लेकर आएं यह मेरी ईश्वर से हार्दिक प्रार्थना है | और इस नए वर्ष में हमारी चैतन्यपुजा नए नए भाव, कविताएँ और आध्यात्मिक अनुभूतियों से सजे, कृष्ण की भक्ति के रंग में रंगे, आप और मैं, हम सब आनंद के इस सुंदर शान्तिप्रद पथ पर इस वर्ष भी साथ साथ चलतें रहें...अपने विचार बांटते रहें...ये मेरी हार्दिक कामना है! :-) 

आज का यह पावन उत्सव, नव वर्ष का अभिनंदन, स्वागत कविता के बिना कैसे हो...

नववर्ष के स्वागत में एक नयी कविता...

नववर्ष नए संकल्पों का 
नयी आशाओं के नए सृजन का 
नववर्ष आया है आनंद का 

नई समृद्धी का स्वागत करके 
नए काव्य के नए सृजन का 
नव वर्ष आया है आनंद का 

नए पल्लव सुंदर जन्मे 
जैसे होठों पर नवस्मित खिले 
उत्सव है सृष्टि सृजन का
नववर्ष आया है आनंद का 


नव सृजन का यह उत्सव 
नए आनंद का यह उत्सव 
मनाए साथ मिलकर 
उत्साह से भरकर
नववर्ष आया है आनंद का 

दारिद्र्य-दुःख कहाँ गया 
चिन्ताने भी पलायन किया 
नवगीत आया नव हर्ष का
नववर्ष आया है आनंद का 

सृष्टिका यह अद्भुत रूप 
किसने कैसे बनाया 
मन तृप्त हुआ आनंदसे 
नववर्ष आया है आनंद का 

नवगीत यह नववर्ष का 
होठों से ऐसेही खिल उठा
नववर्ष आया है आनंदका 
नववर्ष आया है आनंदका  

यही कविता मराठी में: नववर्ष आले आनंदाचे 

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