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31 अक्तूबर 2012

हे नीलगगन




आज की प्रस्तुति है, मेरी प्रार्थना नीले आकाश से ! आकाश सर्वत्र है और वह हमें अनुभूति देता है अध्यात्म की, एकत्व की |



यह प्रार्थना पहले अंग्रेजी में प्रस्तुत हो चुके मेरे काव्य O Blue Sky का हिंदी प्रस्तुतिकरण है |