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25 नवंबर 2012

31 अक्तूबर 2012

हे नीलगगन




आज की प्रस्तुति है, मेरी प्रार्थना नीले आकाश से ! आकाश सर्वत्र है और वह हमें अनुभूति देता है अध्यात्म की, एकत्व की |



यह प्रार्थना पहले अंग्रेजी में प्रस्तुत हो चुके मेरे काव्य O Blue Sky का हिंदी प्रस्तुतिकरण है |  

30 सितंबर 2012

जीवन - एक महाकाव्य


मेरी अंग्रेजी कविता 'एपिक ऑफ़ द लाइफ' का मराठी रूपांतरण 'जीवन एक महाकाव्य' आपने कदाचित पढ़ा होगा, उन्ही काव्यों का यह हिंदी रुपंतारांतरण आज आपके समक्ष प्रस्तुत करने में आनंद हो रहा है | आशा है आपको यह प्रस्तुति मनभावन लगेगी| 


जीवन यह है एक मधुर काव्य
हर क्षण लिखे यह कोई श्लोक सुन्दर
प्रेम शांति के भावना इनमें
ह्रदय से प्रकटे नव आल्हाद लेकर

17 जुलाई 2012

इस पल को थाम लेतें हैं


हम कभी कभी बहुत उदास हो जातें हैं, दु:खी होतें हैं, रोने का मन करता है पर आसूँ भी नहीं आते| फिर हम जीवन में कोई परिवर्तन लातें हैं, कुछ बदलाव हमारी आदतों में, कुछ समय हम अपने आप के लिए देतें हैं| आज कल हम दुनिया से बहुत दूर चलें गएँ हैं| हमें बस् अकेले रहना हैं, और अपनी भावनाओं को, अपने जीवन को समझना है| |

हम ऐसे बिना बताएँ गायब हो जातें हैं, तो हमारे सुहृदों को बड़ी चिंता होने लगती है| हम किसी समस्या में फसे हो, तो बात नहीं कर पाते| पर आजकल तय किया है, आप सबको चिंता न हो इसलिए हम ब्लॉग पे तो मिलते ही रहेंगे और कभी कभी हालचाल भी बताया करेंगे|||||

09 जुलाई 2012

मुस्कान के आसूँ ...

जीवन में कुछ रिश्ते ऐसे होतें हैं, कुछ लोग ऐसे मिलते हैं, मानो कोई भ्रम हो, केवल एक भ्रमजाल ! पर इस भ्रम जाल में फसकर हम अपनी मुस्कान और भोलापन न खो बैठे इसलिए यह काव्यपंक्तियाँ

एक भोलिसी मुस्कान ने एक छलावे के लिए लिखी ...
छलावा तो छलावा है, कभी नहीं समझेगा पर मुस्कान को तो अपने आसूं लिखने थे,  बस् यह काव्य वही आसूं है,      मुस्कान के आसूँ ..

12 जून 2012

प्रथम वर्षा, मन यह हरषा


बहुत दिनों से आपसे ना मिलने के लिए क्षमाप्रार्थी हूँ। स्वास्थ्य कुछ ठीक नहीं था। 

आज का गीत इस वर्ष की प्रथम वर्षा को समर्पित है। आज अचानक से बदल घिर आये, काले काले , कृष्ण जैसे और वर्षा होने लगी । मन में वर्षा हुई काव्य की और प्रेम की कृष्णप्रेम की । 
इसी प्रेम की माधुरी से भरा यह गीत । आशा है आपको अवश्य अच्छा लगेगा । 



घर से ली हुई प्रतिमा ।
प्रथम वर्षा, मन यह हरषा
गीत कोई मन यह गाया

01 अप्रैल 2012

श्रीरामनवमी की बधाइयाँ


श्रीरामजन्म की, श्रीरामनवमी की आप सबको हार्दिक बधाई|




बहुत आनंद का दिवस है, कुछ काव्य आपसे बाटने का मन कर रहा है| पर कुछ लिखा नहीं जा रहा है|  खेद की बात है, की भारत के एक नगर भाग्यनगर - हैदराबाद में रामनवमी उत्सव पर प्रतिबन्ध लगाया गया था|  कारण यह दिया गया था, की कुछ लोगों को इससे परेशानी होगी| (ढेरों वार्ताएँ, विडियो आपको मिलेंगे, भगवान श्रीराम से विद्वेष फैलानेवाले, केवल हैदराबाद के ही सन्दर्भ में| )

23 मार्च 2012

नवचैतन्यसे सजा आज संसार

सृष्टी के प्रथम दिवस - नव सृजन के इस महान पर्व, भारत वर्ष की सनातन हिंदू धर्म की महान गौरवशाली परंपरा का पुन:नव गान करनेवाला, इस भारत वर्ष महान मानवता में ईश्वरत्व दर्शानेवाली महान सनातन संस्कृति का महापर्व - नूतन वर्षारंभ आज से होने जा रहा है| वासंतिक नवरात्रि का भी यह प्रारंभ है|

गुडीपाडवा की शुभकामनाएँ

21 फ़रवरी 2012

श्रीकृष्णप्रेमगीत

बस् 'उनके' लिए ......एक और गीत

'उनके' ही कारण एक और गीत...



पता नहीं कब बड़ी हो गयी
पिया ने एक बार जब प्यार से देखा
मेरे पिया की मै मधुर तान हो गयी
श्याम प्रेम में सजने लगी

23 जनवरी 2012

श्रीरामनाम

श्रीरामनाम ही सार है, श्रीरामनाम ही जीवन सर्वस्व है




राम’ स्मरना है, ‘राम’ भजना है
‘राम’ गाना है, ‘राम’ ध्याना है
राम राम करते करते जीवन
यह बिताना है
राम राम हर श्वास मेरा
रामको ही जीवन बनाना है
असंभव है था यह स्वप्न में भी
‘रामकृपा’ से बना यह जीवन अभी
कल्पना में भी जो था असंभव
जीवन का आज वास्तव संभव
‘राम’ नाम बना है जीवन सरिता
‘रामप्रेम’ प्रवाह हर क्षण
विश्व में बहे यह प्रेमसरिता
शाश्वत प्रेम यह बढे हर पल
अविचल, निश्चल, फिर भी प्रवाही प्रति पल
मीठी मीठी सुगंध हलकी
कली – कुसुम की बहती बहती
ऐसा ही है राम नाम
प्रेम की पवन प्रेम की सुगंध
आसमा में बहती बहती
मुस्कुराहट भोले शैशव की
राम नाम की मिठास ऐसी
जीवन संघर्ष रण की धधगती आग में
शीतल अमृत का सागर बनती
श्रीराम नाम की मिठास ऐसी
कल्पनाओं उड़ान अनंत
तृष्णाओं की लहरे अनंत
इनमे भी है एक शांति का महासागर
राम नाम है जिसका स्वरुप अनाहत
मन में उठते संकल्प अनंत
विकल्पों का भ्रमजाल अनंत
भय भ्रम चंचलता
मन की तरंगे हैं अनंत
श्वास श्वास में है राम नाम
सबमें  सबमें  सबसे परे
केवल केवल राम नाम



14 जनवरी 2012

प्रेम ही प्रेम - 'कृष्ण और मोहिनी'


आपको स्मरण होगा, प्यार ही प्यार वो और मै”...वो? वो है कृष्ण! अंग्रेजी में लिखे भाव 'लव फोरेवर कृष्णा एंड मोहिनी – Love Forever Krishna and Mohinee यही भाव हिंदी में! कितनी भी भाषाओ में लिखे यह प्रेमकहानी कभी पूरी नहीं होनेवाली!

आज मेरा जन्मदिवस है, तिथि के अनुसार और इस वर्ष के कैलेंडर के अनुसार भी तिथि के अनुसार जन्मदिन हम पारंपरिक पद्धति से मनाते हैं पूजा और प्रार्थना भी होती है आज प्रात: यही सोच रही थी, की स्मरण हुआ मेरी पूजा तो यहाँ होती है, चैतन्यपूजा – आत्मपूजा – कृष्णपूजा!

बस् कुछ नहीं करना अब, यह प्रेम के पुष्प मेरे कृष्ण को भेंट .....

जन्मदिवस पर लंबी आयु के लिए प्रार्थना की जाती है, पर आज का जन्मदिवस ऐसा विशिष्ट है....अब तो मैं कालातीत हो गयीकृष्ण का प्यार मुझे मिल गया ...मैं सारे बंधनों से छूट गयी अब मुझे जीवन और मृत्यु कहाँ अब मुझे संसार का भय कहाँ चराचर जगत तो कृष्ण ने बनाया संसार है

बस् कितनी आनंदित हूँ, नहीं बता सकती...

कितना विशिष्ट अपने आपको महसूस कर रही हूँ नहीं बता सकती... 

07 जनवरी 2012

योगाग्नि

प्राणसाधना :

आज  का काव्य महायोग को समर्पित है इस अध्यात्म और योग पथ ने मेरा जीवन धन्य कर दिया है इससे बडा और आसान कोई अध्यात्म पथ नही हो सकता यह योगाग्नि, वह अग्नि नहीं जो हम देखतें हैं, यह वह अग्नि नहीं जो शरीर को भस्म करें यह साधना की अग्नि है योगसाधना - महायोगसाधना - प्राणयोग साधना की अग्नि है यह अंतरसे वासना मिटाए सारे कर्म, विकार जल जाते है कर्म और विकार इनका स्वरुप मन है और साधना से मन - प्राण में विलीन हो जाता है अपने ही श्वास उच्छ्वास को आते जाते देखना यह है प्राण की उपासना - यह है महायोग की साधना। मन को अपने श्वासों पे छोड़ देना ही है यह साधना। दीक्षा और कुण्डलिनी जाग्रति परम पूजनीय सदगुरुदेव की सिद्ध संकल्पशक्ति से होती है। और फिर साधना का आरम्भ होता है। सारे कर्म जलने के बाद अर्थात मन प्राण में विलीन होने के बाद जीवन समाप्त नहीं होता, परन्तु एक नया जीवन शुरू होता है अत्यंत कठिन लगनेवाला यह सारा ज्ञान और यह साधना - साधना की पूर्ति समाधी और समाधी के बाद भी एक भक्ति - मुक्त की साधना, एक भक्त की साधना यह सब गुरुकृपा से ही संभव है जो ज्ञान बड़ी बड़ी पुस्तकों में पढ़ा था, वह तो परोक्ष ज्ञान था, सच्चा