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08 दिसंबर 2011

प्यार ही प्यार - 'वो और मैं '


मेरा अंग्रेजी काव्य लव फोरेवर मी एंड ही – Love Forever 'Me and He' अब हिंदी में, कुछ विशेष गहरे प्रेम के साथ...
जहाँ प्यार हो वहाँ हर दुःख दर्द समूल मिट जाता है,

Image: Yellow Wild Flower



खोजने न निकले हम उनको
न वो हमें खोजने चले थे
खोज तो खत्म हुई ‘प्यार’ की
जब उसने ‘हमें’ ढूँढ लिया

न हम कभी उनसे मिले
न मिलना कभी उनका हुआ
बस् प्यार ने ‘हमें’ ढूँढ लिया
अपने जीने का ठिकाना किया

कुछ हमने कहा नहीं
और दिल की बात वो जान गए
‘जिंदगी’ के साथ हम भी
‘मुस्कुराने’ लगे

प्यार हमने किया नहीं
न वो हमें चाहने लगे
बस् दो दीवाने प्यार में
पागल से हो गए
वादा कुछ न हमने किया
इरादा कुछ न उन्होंने बयाँ किया
‘जिंदगी’ का बस् हम दोनों को
‘प्यार’ का तोहफा हुआ

इजहार कभी न हमने किया
इकरार कभी न उन्होंने किया
बस् ‘प्यार ही प्यार’
का हमें सुरूर हुआ

गुस्सा न कभी हम उनसे हुए
न उन्हें गुस्से का एहसास हुआ
वह तो हमारे दु:ख – दर्द
जिन्होंने ‘हम’से किनारा किया

लड़ना उनसे न हम जानते हैं
न वो हमसे शिकायत करते हैं
बस् लड़ाई तो हुई ‘प्यार’की
दुःख दर्द और चिंता से

सपना उनका न मैंने देखा
न उन्होंने सपने में हमें चाहा
यह तो सपना है ‘जिन्दगीका’
बस् ‘वो और हम’ हर पल प्यार का
स्पर्श उनका न मैंने जाना
न उन्होंने मुझे महसूस किया
‘स्पर्श’ बस् हुआ जिन्दगीका
प्यार ही प्यार ‘हम दोनों’ का
बस् एक हो गए ‘प्यार’ में
मन का ‘मिलन’ यह कैसे हुआ
एक बार गले मिलने से पहले
जिंदगी ने ‘हमें’ गले लगाया

रोना न तो हमको आता है
आसूँ का बहाना न उन्हें आता है
रोने तो लगे दुःख दर्द हमारे
प्यार ने छीना जिनका सहारा है
याद कभी हमने न किया
न फुरसत कभी उनको मिली
याद तो हमें बस् आसुओं ने किया
प्यारने जिनका सहारा छीन लिया

हम न निकले बदलने उनको
न वो हमें बदलने चले
यह तो है ‘एहसास’ प्यार का
जिंदगी को जिसने बदला ‘हमारे’

ख़ूबसूरत तो कुछ हम नहीं
न वह सुंदरता के रूप हैं
‘सुन्दर’ तो यह ‘जिंदगी’ है
जहाँ प्यार ने अपना ठिकाना बनाया

आँखे बस् अब नहीं खोलनी
उनको भी कुछ बात नहीं बोलनी
प्यार ‘को’ यह गीत ‘जिंदगी’ ने दिया
और
उसीमें हम दोनों खो गएँ
‘उसीमें हम खो गएँ’


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2 टिप्‍पणियां:

  1. सच्चे प्यार की कोई परिभाषा नहीं होती... आपकी कविता की आखरी पंक्ति सब कुछ बयां कर गयी....

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  2. आरतीजी! इतनी देर के लिए क्षमस्व| कुछ स्वास्थ्य समस्या थी| कोई परिभाषा नहीं प्रेम की....

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