Search

30 अगस्त 2011

आज मैंने ईश्वर देखा

आज की प्रस्तुति मन के खिलते उमलते दिव्य भाव हैं, जो सत्य सनातन ग्रंथोंमें वर्णित है की ईश्वर सर्वव्यापी है उसीकी एक सुन्दर अभिव्यक्ति....

आज खिलता हुआ मन, मनसे परे ईश्वर में मिला गया और बस इन दिव्य भावों को बोल उठा.......

एक दिव्य आनंद सब ओर छा गया .....

आज मैंने ईश्वर देखा 
खिलती कलिमे मेरा 
ईश्वर देखा

21 अगस्त 2011

प्रार्थना: हे राधेकृष्णा

जन्माष्टमी की आप सबको बहुत बहुत बधाई बहुत आनंद का उत्सव है, आज यशोदा के घर साक्षात् भगवान् आये हैं


यह मनमोहक छवी धुले - महाराष्ट्र के महानुभाव श्रीकृष्ण मंदिर की है बस पहली बार इन्हें देखा और ह्रदय बोल उठा..........

12 अगस्त 2011

रक्षा का प्यार भरा बंधन

कल रक्षाबंधन का त्योहार है और मेरे प्यारे भाइयों के लिए मेरा प्यार इस काव्य में .........

रक्षा का जो वचन
दिया था तुमने
हर बुराईसे, हर दु:ख दर्द से
हर पीड़ा, हर दहशत से
यूँही निभाते रहना

06 अगस्त 2011

सुनहु गोपाल मेरे


आज की प्रस्तुति क्या है, यह मैं कैसे बताऊँ, श्री राधाजी का प्रेम और विरह कौन जान सकता है, मेरे लिए राम – कृष्ण और राधा – सीता कोई भेद नहीं है|


02 अगस्त 2011

सुन ऐ जालिम

आज की प्रस्तुति और काव्य अत्याचार करनेवालोंको एक चेतावनी है| हिन्दू धर्म में कर्मसिद्धांत प्रतिपादित किया गया है| जो आज के विज्ञान के अनुसार ही है| कर्मसिद्धांत के अनुसार हमें हमारे हर छोटे बड़े कर्म का फल कर्म के अनुरूप अवश्य मिलता है| यह निसर्ग है| जो भी कर्म हम करतें हैं वह शक्ति का ही आविष्कार है, शक्ति - उर्जा बिना हमारा जीवन - जीवन ही नहीं रहेगा |  आइन्स्टाइन के उर्जा संरक्षण के नियमानुसार शक्ति निर्माण भी नहीं की जा सकती न नष्ट की  जा सकती है | वह तो केवल एक रूप से दुसरे रूप में परिवर्तित होती है | तो हमारे कर्म नष्ट कैसे होंगे? वह तो अच्छे या बुरे स्पंदनों के रूप में वातावरण में रहेंगे| न्यूटन  के तिसरे सिद्धांतानुसार प्रत्येक क्रिया के बराबर एवं विपरीत प्रतिक्रिया होती है|