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19 मई 2011

कविता: कदमो में है जहाँ तुम्हारे

एक अलग भाव लेकर यह कविता आयी है जीवन में कभी कभी या बहुत बार, हम आपने आप को औरों से कम , हारा हुआ मानते हैं कभी कभी किसीके अपमानित करने पर या हमें तुच्छ ठहराने पर हम अन्दर से टूट जाते हैं, जब हमें तोड़नेवाले हमारे ही स्वजन हों, तब तो उठना और लक्ष्य की ओर बढ़ना असंभव सा हो जाता है पर यह तो सब एक भ्रम है किसी भी कारण से हो पर रुकना और अपने आपको हारा हुआ मानना अपनी ही मूर्खता है अपने विस्मृत आत्मविश्वास को और आत्मस्वरूप की याद दिलानेवाली यह कविता  आपको जरूर भाएगी

यह कविता समर्पित है, ऐसे अनगिनत पुष्पों को, जो मेरी तरह 'आत्मविस्मृति' की वजह से मुरुझाए हुए हैं दोस्तों! भलेही मैं आप सब तक पहुँच न पाऊं, पर यह मेरे हृदय की आवाज है, जो आपके हृदय को जरुर स्पर्श करेगी आपका जीवन हँसते हुए फूल की तरह ख़ुशी से खिल उठे, यही मेरी कामना है


Image: Sky spreading golden light diminishing the dark
"निराशा का अन्धकार और ज्ञान का प्रकाश - आप क्या चुनेंगे ?"

क़दमों में है जहाँ तुम्हारे 
बुलंदियां हैं सामने तुम्हारे 
बुलंदियां भी हैं खड़ी सर झुकाए 
पर गम में हो तुम खुदको छुपाये 
सर तो उठा जरा प्यारे ! 
आँख तो खोल देख नज़ारे 
खुदा है मेहेरबान जिसपे 
क़दमों में हैं खुशियाँ शाम सवेरे 
रोना तो तेरा है बेवकूफी 
खुदा इसपे हसता है 
रोना तेरा झूठा छोड़ दे 
खुदा से ही नाता जोड़ ले  
तेरे काबिल बनना पड़ेगा दुनिया को 
तू किसके काबिल बन रहा है
ऐसी काबिलियत देके ईश्वर ने भेजा है
उसे भुलाए तू लाचार बन बैठा है
त्याग दे उन तुच्छ विचारोंको
जो तुझे बहला रहे हैं
देख खुदा के करिश्मे को
जो तुझे बुला रहे है
ऐसेही रोएगा, तो लक्ष्य कैसे पाएगा
खुदा की देन को कैसे तू समझेगा
राह में लक्ष्य के फूल है
तो कांटे और पत्थर भी हैं
काँटों से ही झोली भरेगा
निराशा से ही मन भरेगा
तो
ऐसेही रोज तू पछतायेगा
थोडा और चल,
थोडा दुनिया को भूल के चल
थोडा सँभल के, लक्ष्य को ही थामे
दूर दूर तक आज से तू चल
खुदा ने भी देखा है
एक सपना तेरे लिए
तेरे सपनोंसे भी परे
एक सपना तेरे जीवन के लिए
बस थोडा और धैर्य
थोड़ी और शांति
छोडके के निराशा की
बहुत बड़ी भ्रान्ति
आशा निराशा तो खेल जीवनका
उससे परे है सपना खुदा का
तुझे तो वहाँ पहुँचना है
अपने स्व - को  जानना है
आशा निराशा से परे
हर विचार हर दुःख से परे
ईश्वर का आनंदस्वरूप है
वही तेरा आत्मरूप है
वही तेरा आत्मरूप है


चैतन्यपूजा में प्रेरणादाई विचार:


उर्दू में कुछ गलती हो तो अवश्य बताइयेगा हृदय से जो बोल उठे, बस लिख दिए। :) 


23 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत अच्छा लगा|
    इसे पढकर जीने की नयी आशा जगी|
    लगता है ये मेरे लिए हि है|
    धन्यवाद|

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  2. what has he not give to us to love thank you and god bless

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  3. दादा ! करोडो करोडो हृदयो को आत्मविस्मृती की नींद से जगाना है | :)| आप हि ने तो मुझे प्रेरणा दी है, आज आप यह क्या कह रहे है!

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  4. Ana नमस्ते ! चैतन्यपूजा में आपका हार्दिक स्वागत ! आपके सुंदर शब्द्पुश्प के लिए हृदयसे आभारी हूँ | आगे भी आते रहियेगा | :)

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  5. so spirituall....touched me :) mohinee , bahut acha likhti ho tum :)

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  6. Roy जी नमस्ते ! चैतन्यपूजा में आपका हार्दिक स्वागत, बहुत बहुत धन्यवाद आपका! आगे भी आते रहियेगा | :) पहला वाक्य मै थोडा समज नही पा रही हूँ | आपकी शुभ प्रार्थना के लिए बहुत आभारी हूँ |

    Welcome Roy to Chaitanyapuja! Thanks a ton for your beautiful thought and wish too! Hope to see you again here. :)

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  7. गीता दीदी नमस्ते! क्या कहूँ , आपका प्रोत्साहन और प्रेरणा इसमें कारण है! :)

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  8. nahi mohinee its u who is writing :)this ..really well done ..keep writing such lovely articles ...

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  9. ओह मोहिनी ये शब्द है या कुछ और, कुछ बोलते ही नहीं बन रहा है. सचमुच ह्रदय को छु गयी आपकी यह कविता. Take a bow, Mohinee, Keep writing :)

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  10. This is beautiful,Mohini,you made my day,you are extremely talented,and I wish you would do more to let everyone know what a talented person you are. God bless you,Mohini..you are a special woman.

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  11. beautifully written....as if it was written for me only...every word is powerful, magical...bas padh kar mazza aa gaya...

    bowing....respect....keep writing..

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  12. inspirational one.. luvly.. aap reality ko bahut achi tarah se mehsoos karti hain.. jaise superman hota hai waise aap superwoman ho.. hehe.. :)

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  13. mohini your poem has brought back my strength, very powerful, just like you. love your talent in all forms of your writing. stay happy, keep others happy.

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  14. Geeta! Ya! What is inspiration by you, when world is opposite, and you encouraged me and supported me, that is inspiration for every article!

    And it affects a lot, when your loved one, likes or dislikes what you are doing, on whole life!

    That's why I said so!

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  15. आरती! क्या कहूँ! Loads of Love! मै हमेशा राह देखती हूँ, हर कविता आपको कैसी लगेगी ! :) आपको चैतन्यपूजा में शामिल देखा, बहुत खुशी हुई| :)

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  16. अल्पना दीदी ! आपके प्यार के लिए शब्द नही | बहुत लिखना है, १ % भी नही हो रहा | :)

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  17. हेमा नमस्ते ! आपको भी ऐसा लगा, आपके लिए है, सचमुच ईश्वर की कृपा है की मुझे ऐसे सुंदर और प्रभावशाली शब्द दिये |

    आपको ढेर सारा प्यार ! :):), Bowing respect... शब्दो के लिए, मै तो बस् माध्यम हूँ, यह संदेश तो उपनिषद, गीता , रामायंजी का है |

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  18. मोनू ! बहुत धन्यवाद Superwoman!! वास्तविकता को महसूस करना, hmm! शायद | :) :)

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  19. Super woman पे कुछ और लिखना था, पर विषयांतर होगा, फिर कभी ! :) :).

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  20. संचिता दीदी नमस्ते! मै बहुत आनंदित हूँ , की इस कविता के शब्द आपको प्रभावित कर गये, और वास्तविक जीवन में इसका परिणाम हुआ|

    और ऐसेही प्रोत्साहित करते रहियेगा, बहुत खुश हूँ, को आपको सब लेखन अच्छा लगता है |

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  21. Well said , Mohu
    It's excellent!
    Your each and every line is full of strength and has a great meaning..
    You are superb! :)
    Loved that topic ..Niraasha ka andhkaar ya gyaan ka prakaash..kya chunenge aap..
    Keep making sleepy ppl awake!

    Take care.

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  22. Simran! So sweet of you dear! I am very happy you felt the power in the words! loads of love! :)

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