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03 मई 2011

एक आसूँ भोलासा

अब तक की कविताओं में बहुत ख़ुशी और प्रेम था, पता नहीं क्यों और कैसे पर ह्रदय आज रो उठा और एक आसूँ भोलासा यह काव्य बोल उठा ................


पता नहीं खुश थी या दु:खी
हस रही थी या सोच रही थी 
दुःख दर्द मिले ऐसे जीवन में 
की रोना ही भूल गयी 
हाँ, रोना भी भूल गयी 
लोग हँसना भूलते है 
मै रोना भूल गयी 
अचानक से एक आसूँ आया
चुपकेसे गाल को  छु गया 
ख़ुशी के मारे या गम के मारे 
या भयानक उदासी के मारे 
पर वह आसूँ गिर गया 
किसीने देखा नहीं 
हाँ किसीने देखाही नहीं |
ईश्वर का रूप बनके 
वह मुझे स्पर्श कर गया  
क्योंकि उसने ही तो
 वह दू:ख देखा था 
अकेलेपन में जो मैंने सहा था 
जरुरत थी तब जिसने मुझे 
ऐसेही अकेला छोड़ दिया 
बाद में वह प्यार देने क्यों आया?
क्यों फिरसे रुलाने वापस आया?
मुझे तो हमेशा से ही आदत थी 
भगवान की ही साथ थी 
मैंने तो कभी बुलाया नही था 
रुलाने फिर वह क्यों आया 
यह कैसा है प्यार उसका 
आसूँ देके जो चला जाता है
अकेले रोना फिरसे 
जीवन बन जाता है 
नहीं है कोई शिकायत उससे 
दुःख तो अपने मन पे 
होता है 
जो अपेक्षा उसकी करता है 
एक भ्रम को प्रेम माने 
जीवन को व्यर्थ करता है 
उसको लगा उसने प्यार किया 
तुमने तो मांगा नहीं था 
उसको क्या हुआ, उदास हो गया 
तुमने तो उसे छोड़ा नहीं था 
फिर भी दुःख यह किस बात का 
बस एक झूटे से ख्वाब का 
जीवन  का तो प्रवाह यही है 
मनुष्य का तो स्वभाव यही है 
वापस कल वह फिर आएगा 
साथ में और आसूँ लायेगा 
पर एक बात तो सोचिही नहीं 
आसुओं में जब ईश्वर दिखा 
सच्चा प्रेम तो तभी मिला 
सच्चा प्रेम तो तभी मिला 
इस प्रेम की तुलना कही नहीं 
इसकी परिभाषा कही नहीं 
वह तो तुमने पहले ही पा लिया 
अब आसूँ  कौनसे कोई दे पायेगा 



31 टिप्‍पणियां:

  1. Great creation Mohini ji . Very touching lines indeed. Only tears are our genuine friends .

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  2. Hello Mohini ji, wah wah wah....log hasna bhooltey hai, main rona bhool gayee....and last lines are the best.

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  3. Shabd nahi yeh batane kitni sundar yeh kavita hai! Dil ko choone wale... har chabd me ek gahra bhaav hai, akhri panktiyan bahut achi lagi :)

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  4. wah kya likha hai mohinee...thats y I said u r awesome writer dear:)

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  5. aj ek dushri mohini ko dekh rahi thi,
    jiski aasu sabd saji thi,
    prem ujagar jyoti ujjwal
    bhagvan se jo alaap jami thi.

    tumhare rone ka ye adbhoot karan man ko bhagayi.

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  6. सुन्दर एवं भावपूर्ण अभिव्यक्ति.... !!

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  7. Dream lofty dreams, and as you dream, so you shall become. Your vision is the promise of what you shall one day be; your ideal is the prophecy of what you shall at last unveil.
    -- James Allen
    I am highly impressed,Mohini..this is my kind of poetry,I love it..and believe me,you have a great future ahead...God bless u..lots of love..

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  8. bahut khub likha hai aapne di....u r superlike writer...keep writing...

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  9. धन्यवाद अल्पनाजी,
    आप मोहिनी आप को हमेशा हृदय से कहती है "GOD BLESS YOU".बहुत अच्छा लगता है|मोहीनी पर आप अपना प्यार ऐसाही बनाये राखीयेगा|

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  10. समीर जी आपका बहुत बहुत धन्यवाद!

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  11. दिव्याजी आपका बहुत बहुत आभार, हां आसुओसे बढके कौन दोस्त हो सकता है?

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  12. कांग गुरुप्रीत जी बहुत बहुत आभार आपका! :)

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  13. आरती! आपको यहाँ देखके बहुत अच्छा लगा, बहुत याद आ रही थी, गहरे भाव तो है, मुझसे फिरसे पाढा भी नही जा रहा! और सुबह से कोशिश कर रही हूँ, आपके इन सुंदर विचारो पे कुछ कहा भी नही जा रहा!

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  14. आपके ब्लॉग पर पहली बार आया हूँ... आपकी कविता से प्रभवित हूँ.. सरल और सहज शब्दों में भाव का प्रवाह अदभुद है...

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  15. गीता! आपकी मिठी टिप्पणी! :)

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  16. संचिता क्या लिखूँ ! बहुत अच्छा लगा, गहराई कुछ की शब्दो मे !

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  17. शिव नाथ कुमार जी नमस्ते ! चैतन्यपूजा मे आपका हार्दिक स्वागत! आपका बहुत बहुत आभार ! आते रहियेगा! : )

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  18. अल्पना दीदी ! आपका प्यार है | आपके सामने मै हमेशा चूप होती हूँ !

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  19. हेमा ! आपको ढेर सारा प्यार | :)

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  20. दादा ! अल्पना दीदी को मैने बताया | :)

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  21. अरुण चंद्र जी नमस्ते! आपका चैतन्यपूजा मे हृदयसे स्वागत | बहुत अच्छा लगा जानके की आपको यह लेखन अद्भूत लगा | आते रहियेगा जरूर | :)

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  22. Sheril! Welcome to Chaitanyapuja! And thanks a ton for your response too!

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  23. सुन्दर एवं भावपूर्ण अभिव्यक्ति.... !!

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  24. Hello Mohini ji, wah wah wah....log hasna bhooltey hai, main rona bhool gayee....and last lines are the best.

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  25. I loved it, i loved it, i loved it.. you have portrayed so beautifully the practical truth.. hat's off.. brilliant..bravo.. :)

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  26. मोनू बहुत बहुत धन्यवाद! शब्द हि नही कुछ कहने के लिए |

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चैतन्यपूजा मे आपके सुंदर और पवित्र शब्दपुष्प.........!