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27 अप्रैल 2011

अगर तुम न होते 'दीपक'

आज मेरे प्यारे भाई दीपक का जन्मदिवस है | दीपक ! यह काव्य पंक्तियों का पुष्पगुच्छ एक अलगसा उपहार तुम्हारे लिए ! और यह पोस्टर भी मैंने ही बनाया है, एक छोटासा प्रयत्न, तुम्हारे जन्मदिन का और जीवन का  हर पल कुछ खास बनाने का ! नीला रंग मेरा सबसे प्यारा है इसलिए यही चुना ! दीपक! तुम्हे और आप सबको यह कैसा लगा? कुछ और उपहार बनाने थे, पर कुछ मुश्किलें आयी और वह हो न पाया !


Posted by Picasa



अगर तुम न होते 'दीपक'
कौन मुझे रुलाता
लड लड के तुम जैसा
और कौन मुझे चिडाता
अगर तुम न होते 'दीपक'
कौन मुझे पागल जैसा हॅँसाता
प्यार जो तुमने मुझे दिया है
बचपन मेरा फिर लौटाया है
अगर तुम न होते 'दीपक'
कौन यह प्रेम जीवन मे लाता
ईश्वर ने भेजा है तुझको
मुस्कान मेरी ऐसीही खिलने के लिये
प्यार की सौगात यह प्यारी प्यारी
दुनिया में फैलाने के लिये
अगर तुम न होते 'दीपक'
किसे फिर मै परेशान करती
लड लड के किसे मै ऐसे चिडाती
अगर तुम न होते 'दीपक'
पागलपन मेरा कौन सँभालता
गुस्सा मेरा बच्चों जैसा
और प्यार से कौन समझता
अगर तुम न होते 'दीपक'
कौन डाँटके खाना खिलाता
मेरे लक्ष्योंकी की याद मुझे
तुम्हारे बिना कौन दिलाता
अगर तुम न होते 'दीपक'
अगर तुम न होते 'दीपक'


"मेरा प्यारा दीपक!  मेरी उमर भी तुम्हे लग जाये!!!"


मुझे पता है, यह पढके तुम कहोगे,"तुम पागल हो!" पर हाँ! वो तो मैं हूँ ही! एक और बात,
"एक शिकायत थी भगवानसे
'दीपक' को बचपन में
क्यों नही मिलाया?
भगवानने कहा,
बचपन तुम्हारा फिरसे लौटाने
'दीपक' को हि तो बनाया!!"
दीपक पे तो रोज भी एक कविता लिखी तो कम ही है , पर फिलहाल  इसके अलावा एक और कविता है, Life is So Beautiful When... आप  सबको वह भी अतिशय अच्छी लगेगी |




I love you sooooooooooooo Muchhhhhhhhhhhhhhh Deepak!!!!!!!!!!!!!
May God bless you and all your dreams come true and mine too to meet you!




P.S.: "This Poem has been written for BLOGJUNTA NaPoWriMo"  Here is the link of that happening place where we get new inspirations to write more and more. www.blogjunta.com

And if you love this poem and wanna express it, you can fav it by clicking HERE!

16 अप्रैल 2011

'सिमरन'

सिमरन तू इतनी प्यारी है , की मुझे क्या लिखूं समझ में ही नही आ रहा , फिर भी जन्मदिन पे मेरे ह्रदय से चुने हुए यह प्यारे से शब्द पुष्प तुम्हारे जीवन के लिए ! 




एक गुडिया प्यारिसी 
दोस्त मेरी भोलिसी

03 अप्रैल 2011

नव वर्ष लाया नव आल्हाद !

||श्री श्री गुरवे नमः ||

नववर्ष की आप सब को हार्दिक हार्दिक शुभकामनाएँ! इस नव वर्ष मे कुछ संकल्प है, नये कुछ निश्चय है , नयी आशाये है, यह सब आपके साथ बाट रही हुं | यह व्यक्तिगत और सामाजिक जीवनसे भी संबंधित है | 

बडे बडे संकल्प सामाजिक हो या व्यक्तिगत आप सबके प्रोत्साहन प्रेम और सहयोग बिना पूर्ण होना असंभव सा है | आपमे विराजमान भगवान से प्रार्थना है, मुझे यश के शिखर तक हसते हसते हि सहज हि पहुंचा दे |

आइये! इस नव वर्षा मे हम सब जुड जाते है , चैतन्यपूजा मे, मानवता की, विश्वप्रेम की विश्वबंधुता की पूजा मे |  कलियुग मे तो संघ शक्ती का हि महत्व है | 


अब विश्व बंधुता के इस नये पूजन मे मुझे आप सबका सहयोग चाहिये | महायोग - सिद्धयोग और उसका दीक्षा पूर्व पूर्वाभ्यास मानवता और विश्व शांती के लिये कैसे आवश्यक है इसका विवेचन आगे नव वर्ष में देखेंगे |  

आप अपने नव वर्ष संकल्प यहाँ अवश्य बताइयेगा| मै राह देख रही हूँ !

यह सबसे लम्बी पुष्पमाला लगनी चाहिये | :)







नव वर्ष यह आल्हाद और उमंग का 
प्रेम की मीठी सौगात का 
आशाओंका निराशाओंका 
उनके भी परे प्रेमाभक्ति का
नववर्ष नए सृजन का
सृष्टि के सृजन महोत्सव का
नव वर्ष मीठी प्यास का
नव वर्ष मिलन की आस का
नव वर्ष नव प्रतीक्षा  का
नव वर्ष यह नव प्रेम का
नव वर्ष पुनर्मिलन का
नव वर्ष एक गीत जीवन का
नव संकल्प का, परिणय का
नव वर्ष नव सौंदर्य, नव माधुर्य का 
पुराने प्रियतम के मिलन का
नव वर्ष यह इच्छा का
नव वर्ष यह देशसेवा का
नव वर्ष नव आल्हाद और उमंग का
नव वर्ष एक संजीवनी
यश शिखर पर पहुँचने का
नव वर्ष गीत एक पुराना
यश कर्तृत्व देश गान का
नव वर्ष अनेक उम्मिदोंका
नव वर्ष नव नव साहस का
नव वर्ष एक संकल्प
नव भारत वर्ष बनाने का
गत वैभव पुन: लाने का
विश्व विजयी होने का
हाँ ! नव वर्ष विजयी होने का
नव वर्ष विजयी रहने का
ध्येय पर अडिग रहके
पथ यश का चलने का
नव वर्ष एक ऐसे साहस का
जो नव मंथन का बने सर्जक
नव वर्ष बीती बातें भूलने का
कडवे पल को मिठास से धोने का
नव वर्ष अपयश से सिखने का
नव वर्ष नव आल्हाद का
नव वर्ष नव सृजन का
सृजन नव 'स्व' का
अविष्कार पूर्ण आत्मा का
नव वर्ष नव कर्म करने का
जीवन नव आनंद बनाने का
नव नर्ष नव आशा लाने का
नव वर्ष नव हर्ष लाने का
आस छोड़ी जिन्होंने जीने की
नव चेतना उनमे जगाने का
नव वर्ष विश्व बंधुता का
नव वर्ष प्रेम और शांति का
नव वर्ष नव भाईचारे का
मिटे हर द्वेष उस प्यारे प्रेम का
नव वर्ष एक सदिच्छा का
हर ओर पुष्प खिले प्रेम का
नव वर्ष नव सृजन का
नवदेवता यह प्रेम का
नव वर्ष मीठी प्यास का
नव वर्ष मिलन की आस का
नव वर्ष नव प्रतीक्षा  का
नव वर्ष नव आस्था का
नव वर्ष एक आदर्श जीवन का
सपना मेरा पूर्ण जीवन का
बस हो हर क्षण कृष्ण भक्ति का
बस हो हर क्षण कृष्ण भक्ति का

आने वाले नौ दिनों में होने वाले भक्तिमय श्रीरामचरितमानस पारायण के लिए भी आप सबको ह्रदय से शुभकामनाएं !  आपका पारायण निर्विघ्न पूर्ण हो यह श्रीरामजी से प्रार्थना !