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15 दिसंबर 2010

अक्षय पात्र - आयीये बच्चो को खाना खिलाये! और उन्हे पढ़ायें

चैतन्यपूजा ! हर रूप में विद्यमान चैतन्य की-परमेश्वर की हर संभव रूपसे पूजा!

अक्षय पात्र फौंडेशन ने पूजा शुरू की एक सच्चे ईश्वर की ! बच्चोंकी | बच्चोंको खाना नही मिलेगा तो पढेंगे कैसे? यह छोटासा विचार बना महान क्रांति का सर्जक | और शुरू हुआ  अक्षय पात्र फौंडेशन.

किसी भी सामाजिक समस्या के बारें में च्रर्चा होती है तो सहसा कहा जाता है, "हम अकेले क्या कर सकतें हैं ?" अगर हम यह कहे तो, "मै अकेला ही आरम्भ करूँगा !" आज एक है, काल दो होंगे ...........दस, हजार  ...........लोग जुड़ेंगे और समस्या का समाधान हो भी जायेगा | यह कर के दिखाया है- - - अक्षय पात्र फौंडेशन.ने |

यह कहानी एक वेदना से शुरू हुई | संवेदना से | किसी और की वेदना अपनी वेदना महसूस करना - समवेदना |. एक बार क्षुधा से व्याकुल बच्चें कुछ कुत्तों से खाने के छोटेसे टुकड़ों के लिए लड़ रहे थे | यह दृश्य देख,उन बच्चों की वेदना परम पूज्य भक्तिवेदान्त प्रभुपाद स्वामीजी के ह्रदय की वेदना बन गए |   और एक निश्चय बना "अब कोई क्षुधा से पीड़ित नहीं रहेगा |"

जून २००० में अक्षय पात्र फौंडेशन ने १५०० बालकों को ५ पाठशालाओमे भोजन उपलब्ध कराकर इस पूजा को आरम्भ किया |

यह दृश्य कितना प्यारा है, जब हम अपने बच्चोंको अपने हाथ से बना, शुद्ध और स्वच्छ भोजन, जिसमे माँ का प्यार है सुबह सुबह टिफिनमें भरके देते हैं और बच्चा स्कूल जाता है, हसते हसते | वोह टिफिन खाना उसके लिए सबसे बड़ी ख़ुशी है |

अक्षय पात्र फौंडेशन आज पंहुचा है ८००० से भी अधिक स्कूलोंमे |


शुद्ध और स्वच्छ भोजन मिल रहा है १२ लाख से भी अधिक बच्चोको और हाँ! शिक्षा भी |


और अब हम हमारे बच्चे जैसा माँ के प्यार से भरा भोजन और बच्चों को भी दे सकते है |


और इन स्वस्थ बालकों को शिक्षा भी | 


इससे क्या होगा 


बच्चों की स्कूलों में  दाखिलों में वृद्धि -


स्कूलोंमे उपस्थिति में वृद्धि 


और 


बच्चोंके अच्छे परिणाम उनके उज्जवल भविष्य के लिए, हमारे ही बच्चोंकी तरह !


इस लिंक को क्लिक करें अक्षय पात्र  के माध्यमसे गावोंके छोटे छोटे बच्चों को भोजन देने के लिए...................


plzzzzzzzzzzzzzzzzzzzzzzz!


Akshay patra online donation


यह जानकारी अक्षय पात्र फौंडेशन- इस अधिकृत अंतरताने से दे गयी है |

Indiblogger.in को मेरे बहुत बहुत धन्यवाद, जिन्होंने हमें यह सुवर्ण अवसर प्राप्त कराया | इस ब्लॉग पोस्ट से कल भोजन मिलेगा ५० बच्चोंको| यही सबसे बड़ा पारितोषिक हमें अभी मिला है | पुन: एक बार धन्यवाद ! और  अक्षय पात्र फौंडेशन को भी करोड़ों साधुवाद हृदयसे !


Indivine पे आपका मत देके इसे कृपया प्रोत्साहित करें | बहुत बहुत धन्यवाद |





8 टिप्‍पणियां:

  1. just amazing., very beautifully written with full heart and soul.
    excellent writeup.
    exquisite.

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  2. बहुत बहुत धन्यवाद प्रमोदजी !

    बस इस इस से ही अतिशय आनंद मिला की छोटे छोटे गावो तक अक्षय पात्र का भोजन जा राहा है! और स्वच्छता और शुद्धता मेरे हृदय को ज्यादा छु गयी|

    Indivine पे इस लेख को प्रोत्साहित करने के लिये करोडो Thanks!

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  3. अक्षय पात्र के बारे मे और जानिये मेरे अन्य ब्लाग पे -कृपया इन्हे Indivine पे प्रोत्साहित करे, मुझे विश्वास है यह आपको जरूर अच्छे लगेंगे! धन्यवाद तो है ही!

    Gurukripa -http://narayankripa.blogspot.com/2010/12/akshay-patra-in-kaliyuga-no-more.html

    विचारयज्ञ -

    http://vicharyadnya.blogspot.com/2010/12/blog-post_17.html

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  4. Glad to see so many bloggers joining hands to feed the future souls of India! The one line motive “No child in India shall be deprived of education because of hunger.” says it all how humble their service is.

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  5. धन्यवाद मोहनजी टिप्पणी के लिये और इस संदेश को Indivine पे प्रोत्साहित करने के लिये भी!

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  6. You have written it so well...
    A very noble cause indeed:)

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  7. बहुत बहुत धन्यवाद आरती!

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चैतन्यपूजा मे आपके सुंदर और पवित्र शब्दपुष्प.........!